नन्हे भालू का बड़ा धन्यवाद

0–2 वर्ष · रोज़मर्रा की ज़िंदगी · ~16 मिनट

गुनगुनी धूप में जागा नन्हा भालू देखता है कि एक साधारण दिन में कितने सारे धन्यवाद छिपे होते हैं। बेरी वाला दलिया, खरगोश की लाल गेंद, दादी की झप्पी और खिड़की पर गिरती बारिश—नन्हे भालू का बड़ा धन्यवाद रोज़मर्रा की छोटी-छोटी मेहरबानियों को पहचानने की प्यारी कहानी है।

English, Español, Português (Brasil), 한국어, 日本語, 廣東話, 普通话, Deutsch, Français, Italiano, और हिन्दी में उपलब्ध

153 लोगों ने सुना है

4.5 (8)
मातृभाषा
अनुवाद

पूरी कहानी सिर्फ़ अपनी मातृभाषा में सुनें।

कहानी की शुरुआत

गरम धूप कंबल पर पड़ी तो नन्हा भालू जाग गया।

गुड मॉर्निंग!

गुड मॉर्निंग, मेरे सोए-सोए भालू।

मम्मा भालू ने पर्दे खोल दिए।

बाकी कहानी सुनने के लिए प्ले दबाएँ।