
नन्हे भालू का बड़ा धन्यवाद
0–2 वर्ष · रोज़मर्रा की ज़िंदगी · ~16 मिनट
गुनगुनी धूप में जागा नन्हा भालू देखता है कि एक साधारण दिन में कितने सारे धन्यवाद छिपे होते हैं। बेरी वाला दलिया, खरगोश की लाल गेंद, दादी की झप्पी और खिड़की पर गिरती बारिश—नन्हे भालू का बड़ा धन्यवाद रोज़मर्रा की छोटी-छोटी मेहरबानियों को पहचानने की प्यारी कहानी है।
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अनुवाद
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कहानी की शुरुआत
गरम धूप कंबल पर पड़ी तो नन्हा भालू जाग गया।
गुड मॉर्निंग!
गुड मॉर्निंग, मेरे सोए-सोए भालू।
मम्मा भालू ने पर्दे खोल दिए।
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