
निया और चाँद बुनने वाली
6–8 वर्ष · परी कथा · ~7 मिनट
चाँद के चमकते किनारे पर एक गहरी सिलाई दिखती है, तो निया चमकते धागे के पीछे-पीछे पहाड़ी पर चढ़कर सोल मौसी और उनके चाँदनी वाले करघे तक पहुँचती है। खाली फिरकी हाथ में लेकर वह घोंघे, झरने के पास खड़े एक दोस्त और लालटेन के पास उड़ते पतंगे के लिए थोड़ी जगह बनाती है और चाँदी के धागे जुटाती है।
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अनुवाद
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कहानी की शुरुआत
नीली छतों की घाटी में सब चाँद का इंतज़ार करते थे।
हर शाम वह चाँदी के कटोरे जैसा पहाड़ी पर उगता था।
लेकिन आज रात उसके उजले किनारे पर छोटी काली सिलाई दिखी।
लगता है कोई एक नन्हा टाँका लगाना भूल गया।
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