
रात के बगीचे की धीमी आवाज़ें
6–8 वर्ष · सोने से पहले की शांति · ~7 मिनट
मीरा को नींद आ रही है, पर उसके विचार टहलते रहते हैं, तो पापा खिड़की थोड़ी खोलकर उसके साथ बगीचे की आवाज़ें सुनते हैं। पत्तों की सरसराहट, हल्की बूंदें, बिल्ली पिप की घंटी और दो जुगनू मिलकर धीमी साँस लेने का एक शांत खेल बन जाते हैं।
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मातृभाषा
अनुवाद
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कहानी की शुरुआत
बगीचे के पार आख़िरी रोशनी मिट रही थी, तभी मीरा ने दाँत साफ़ किए।
उसने मुलायम कपड़े पहने और पापा को उसकी रज़ाई ठीक करते देखा।
नींद आ रही है, पर मेरे ख़याल अभी घूम रहे हैं।
तो उन्हें टहलने के लिए एक शांत जगह देते हैं।
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